Kuchh Aise dikkat salahkar Manoranjan Ki Duniya Ki shuruaat Hui

ये *सरस्वती देवी* हैं। *पूरा नाम*: खुर्शीद मीनोचर-होमजी *क्यों फेमस हैं*: 1. *भारतीय सिनेमा की पहली महिला संगीत निर्देशक* - 1935 में _जवानी की हवा_ से शुरुआत की 2. *अछूत कन्या 1936*: इसका म्यूज़िक इन्होंने दिया था। "मैं बन की चिड़िया बन के" गाना सुपरहिट था 3. *बॉम्बे टॉकीज़ की पिलर*: देविका रानी और हिमांशु राय के स्टूडियो में 1935-1943 तक म्यूज़िक डिपार्टमेंट संभाला *खास बात*: पारसी थीं, लेकिन नाम बदलकर "सरस्वती देवी" रखा ताकि इंडियन ऑडियंस कनेक्ट करे। उस ज़माने में औरतों का फिल्मों में काम करना बहुत रेयर था, ऊपर से म्यूज़िक डायरेक्टर बनना तो क्रांति थी। _दर्द_, _जीवन नैया_, _नवजीवन_, _बंधन_ जैसी 30+ फिल्मों में म्यूज़िक दिया। 1930s की लेडी लेजेंड हैं ये। और बताऊँ इनके बारे में?
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विश्व सिनेमा (World Cinema)
​मैक्स स्टाइनर (Max Steiner): इन्हें "फिल्म संगीत का जनक" (Father of Film Music) कहा जाता है। उन्होंने 1933 की प्रसिद्ध फिल्म किंग कांग के लिए संगीत दिया था।
​बर्नार्ड हरमन (Bernard Herrmann): इन्होंने अल्फ्रेड हिचकॉक की फिल्मों (जैसे Psycho) के लिए क्लासिक संगीत तैयार किया।
​भारतीय सिनेमा (Indian Cinema)
​सरस्वती देवी (Saraswati Devi): ये भारतीय सिनेमा की पहली महिला संगीत निर्देशक थीं, जिन्होंने 1930 के दशक में 'बॉम्बे टॉकीज' की कई फिल्मों (जैसे अछूत कन्या) में संगीत दिया।
​आर. सी. बोराल (R.C. Boral): इन्हें भारतीय फिल्म संगीत का पितामह माना जाता है। उन्होंने भारतीय फिल्मों में 'प्लेबैक सिंगिंग' की शुरुआत करने में मुख्य भूमिका निभाई।
​मास्टर कृष्ण राव और पंकज मलिक: ये भी भारतीय बोलती फिल्मों (Talkies) के शुरुआती दौर के दिग्गज संगीतकार रहे हैं।