High court

भारत का इलाहाबाद उच्च न्यायालय (Allahabad High Court) न्यायाधीशों की संख्या और कार्यभार के आधार पर दुनिया के सबसे बड़े उच्च न्यायालयों में से एक माना जाता है। यह एशिया का भी सबसे बड़ा उच्च न्यायालय है, जहाँ एक साथ दर्जनों कोर्ट रूम काम करते हैं। इसकी स्थापना 1866 (आगरा में, बाद में 1869 में इलाहाबाद स्थानांतरित) में हुई थी। ABP News ABP News +4 इलाहाबाद उच्च न्यायालय के बारे में प्रमुख तथ्य: न्यायाधीशों की संख्या: इसमें स्वीकृत न्यायाधीशों की संख्या सबसे अधिक (160) है। क्षेत्राधिकार: यह उत्तर प्रदेश राज्य के लिए कार्य करता है। खंडपीठ (Bench): इसकी मुख्य पीठ इलाहाबाद (प्रयागराज) में है और एक स्थायी खंडपीठ लखनऊ में है। कार्यभार: यहां दस लाख से अधिक मामले लंबित हैं, जो इसे मुकदमों के लिहाज से बहुत बड़ा बनाता है। ABP News ABP News +2 अन्य महत्वपूर्ण जानकारी: क्षेत्रफल (बिल्डिंग) के हिसाब से: भारत का झारखंड उच्च न्यायालय (रांची) का नया भवन परिसर क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे बड़ा माना जाता है, जो 165 एकड़ में फैला है। सबसे पुराना: भारत का सबसे पुराना उच्च न्यायालय कलकत्ता उच्च न्यायालय (1862) है।

Soniaa

@soniaa682

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भारत का इलाहाबाद उच्च न्यायालय (Allahabad High Court) न्यायाधीशों की संख्या और कार्यभार के आधार पर दुनिया के सबसे बड़े उच्च न्यायालयों में से एक माना जाता है। यह एशिया का भी सबसे बड़ा उच्च न्यायालय है, जहाँ एक साथ दर्जनों कोर्ट रूम काम करते हैं। इसकी स्थापना 1866 (आगरा में, बाद में 1869 में इलाहाबाद स्थानांतरित) में हुई थी। 
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इलाहाबाद उच्च न्यायालय के बारे में प्रमुख तथ्य:
न्यायाधीशों की संख्या: इसमें स्वीकृत न्यायाधीशों की संख्या सबसे अधिक (160) है।
क्षेत्राधिकार: यह उत्तर प्रदेश राज्य के लिए कार्य करता है।
खंडपीठ (Bench): इसकी मुख्य पीठ इलाहाबाद (प्रयागराज) में है और एक स्थायी खंडपीठ लखनऊ में है।
कार्यभार: यहां दस लाख से अधिक मामले लंबित हैं, जो इसे मुकदमों के लिहाज से बहुत बड़ा बनाता है। 
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अन्य महत्वपूर्ण जानकारी:
क्षेत्रफल (बिल्डिंग) के हिसाब से: भारत का झारखंड उच्च न्यायालय (रांची) का नया भवन परिसर क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे बड़ा माना जाता है, जो 165 एकड़ में फैला है।
सबसे पुराना: भारत का सबसे पुराना उच्च न्यायालय कलकत्ता उच्च न्यायालय (1862) है।