Dil Hi To Hai – Mirza Ghalib Shayari 🌙

Arsalan Waseem

2 months ago

दिल ही तो है न संग-ओ-ख़िश्त, दर्द से भर न आए क्यों रोएँगे हम हज़ार बार, कोई हमें सताए क्यों यह शायरी मशहूर शायर मिर्ज़ा ग़ालिब की है, जो दिल के दर्द, एहसास और इंसानी जज़्बात को बहुत सादगी और गहराई से बयान करती है। अगर आप इश्क़, तन्हाई और जज़्बातों की शायरी पसंद करते हैं, तो यह शेर ज़रूर आपके दिल को छू जाएगा। 🎧 सुनिए, महसूस कीजिए और अगर पसंद आए तो like, share और follow ज़रूर करें।
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दिल ही तो है न संग-ओ-ख़िश्त, दर्द से भर न आए क्यों
रोएँगे हम हज़ार बार, कोई हमें सताए क्यों




यह शायरी मशहूर शायर मिर्ज़ा ग़ालिब की है, जो दिल के दर्द, एहसास और इंसानी जज़्बात को बहुत सादगी और गहराई से बयान करती है।
अगर आप इश्क़, तन्हाई और जज़्बातों की शायरी पसंद करते हैं, तो यह शेर ज़रूर आपके दिल को छू जाएगा।
🎧 सुनिए, महसूस कीजिए और अगर पसंद आए तो like, share और follow ज़रूर करें।